यहीं कहीं हैं वो लोग जो जानकर बनते हैं, जो सबकुछ जानने का दावा दिखावा करते हैं, इन्हें पता है कि लोग कैसे होते या हो सकते हैं, इन्हें पता है कि दुनियां क्या है कैसी हो सकती है, इन्हें पता है क्या करनें से क्या होगा, नहीं होगा, इन्हें सबकुछ पता है, इनके लिए इनके अलावा हर आदमी गधा है, जो ये कहते हैं सही कहते हैं, हर बात पर टिकते हैं वरना नहीं कहते हैं, हर मर्ज़ की दवा, हर काम का उपाय है इनके पास, इतिहास भूगोल सब इन्हीं…
बेहतरीन हिन्दी शायरी ❤️ ❤️ ❤️
हम क्या पढ़ें ख़बर... अखबारों की... एक अरसे से हमनें... ख़ुद भी ख़बर रखनीं छोड़ दी है... . बेहतरीन हिंदी शायरी के साथ हम और आप साथ-साथ। Contact @Vaibhav100
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ये आदत है कि सज़ा है मुझे मालूम नहीं है, मसला ये है कि अकेलेपन में मज़ा आनें लगा है..!!
खाक़ हो गए ज्ञान देनें वाले, खाक़ हो गए ज्ञान लेनें वाले, मगर ये और बात है कि समझ पाना और समझा पाना कला है..!!
बच्चों को झूठ बताया गया कि जिंदगी में सच बोलो, उन्हें बताया जाना चाहिए कि नेताओं के राह पर चलें..!!
पुराने लोग, पुराने पेड़, पुरानी बातें, क्या क्या बचाना है हम नए लोगों को..!!
जानें क्यों पड़े हैं लोग उन सवालों के पीछे जिनका उनसे कुछ नहीं लेना देना, जीवन क्या है, मृत्यु क्या है, जो भी हो, होगा कुछ, तुम्हारे पास खानें को है? कुछ अपनें लोग कमाए? अपना कहने को क्या है..? कुछ खाब है जिसे पूरा करने की हसरत है? पड़े हैं उनके पीछे जो ईश्वर को ढूंढ रहे हैं, सवालों के जवाब वहां खोज रहे हैं जहां वो व्यक्ति सवाल या जवाब दोनों से अपरिचित है, शादी बच्चों के सवाल संतों पीरों से, घर परिवार के सवाल फकीरी…
नेता जी से ना पूछना कि क्या काम किया है, वो भी पूछने लगेंगे कि पिछले वाले नें क्या किया था, मैं तो ये समझने में परेशान हूं कि कौन किसकी समस्या सुनेगा, चलो सुनेगा तो ठीक, दूर किसकी कौन करेगा समस्या..!!
कितना आसान है दूसरे को सही या ग़लत कहना, अपनें आप में बुराई भला कहाँ दिख पाती है..!!
ये पुराने लोग इतने पुरानें ख़याल कैसे रखते हैं, क्या बदलना वक़्त के साथ इतना मुश्किल है..!!
मेरी दीवारें बोलती है बात करती हैं, ये मेरी दोस्त हैं मुझे किस्से सुनाती हैं..!!